26 January Republic Day Wishes

आपके लिए देश प्रेम से रंगारंग खूबसूरत शायरी
26 January Republic Day Wishes

26 January Republic Day Wishes | गणतंत्र दिवस फर्राटेदार शेर और शायरी हिंदी में

 

26 January Republic Day Wishes, नमस्ते प्यारे दोस्तों, आज हम आपके लिए देश प्रेम से रंगारंग खूबसूरत शायरी लाये है। दोस्तों हमने अपनी कविता शायरी में देशभक्ति भावनाओं को बहुत अलग-अलग तरीकों से व्यक्त किया है। हमारे सामान्य जीवन में अपने देश और उसके प्रति प्रेम को लेकर जो भावनाएँ होती हैं, हमने वह व्यक्त की है अगर इसमें कुछ आप भी जोड़ना चाहे तो हमें कमेंट करके भेज दीजिये। हम आपके नाम सहित आपकी देश भक्ति पंक्तियों शायरी को सबसे ऊपर दिखाएंगे। तो दोस्तों इन खूबसूरत देश भक्ति पंक्तियों को पढ़ें और इसे अपने सभी दोस्तों और रिस्तेदार में देश प्रेम जाग्रत करे। हमारी ये खूबसूरत पोस्ट शयेर करें। आपका कीमती समय देने के लिए आपका दिल से धन्यवाद। आपका समय शुभ हो।


Republic day wishes

आज लिखता हूँ वतन की शान में, हर लफ्ज़ में जान भरता हूँ,
मैं भारत माँ का बेटा हूँ, अपनी मिट्टी को प्रणाम करता हूँ।”

 

लहराएगा तिरंगा अब सारे आसमान पर,
भारत का नाम होगा सबकी जुबान पर।
ले लेंगे लोहा हम दुनिया के हर तूफान से,
कोई आँख न उठा पाएगा मेरे हिंदुस्तान पर।

 

हर दिल हमारा एक है।
और एक है हमारी जान। .
प्यारा हिंदुस्तान हमारा है
और हम हिंदुस्तान की शान। .
इसकी सुरक्षा के लिए
मेरा सारा जीवन कुर्बान। .

 

मिट्टी की सौगंध हमें, हम झुकना नहीं जानते,
दुश्मन की चौखट पर हम रुकना नहीं जानते।
वतन की हिफाज़त ही हमारा पहला धर्म है,
हम भारत के वीर हैं, पीछे हटना नहीं जानते।

 

इन हवाओं में आज फिर एक नया पैगाम आया है,
शहीदों के लहू से रंगा सुबह का सलाम आया है।
नमन करो उस तिरंगे को जिससे हमारी शान है,
जिसकी गोद में बसता हमारा प्यारा हिंदुस्तान है।

 

शहादत का जज्बा सीने में दबाकर रखते हैं,
हम वतन की खातिर हथेली पर जान रखते हैं।
अगर यहाँ हम जातियों में बाटे है तो क्या हुआ,
दिल में तो हम सब सिर्फ हिंदुस्तान रखते हैं।

 

सरहद पर खड़ा फौजी जब हुंकार भरता है,
दुश्मन का हर मंसूबा थर-थर कांपता है।
न छेड़ो हमें, हम शांति के पुजारी हैं, अगर जाग गए
दुश्मनों तो याद रखना फिर काल भी हार मानता है।

 

माँ सौगंध मुझे इस मिट्टी की मैं देश नहीं मिटने दूँगा।
पुर्जा – पुर्ज़ा भले काट जाये पर कदम न डिगने दूँगा।
माँ आँच ना आने दूँगा वतन पर भले में मिट जाऊँगा।
वचन जो लिया है भारत माँ से में वचन वह निभाऊँगा।

 

भारत देश हमारा हमें अपने प्राणो से अधिक है प्यारा।
इसकी सुरक्षा करने हर – घर से निकला एक सितारा।
अब हम इन मक्कार काफिरों की गर्दन उखाड़ फेकेंगे।
माँ भवानी भारती की सौगंध इनकी नस्ले उखाड़ फेकेंगे।

 

मौत को हम अपनी दुल्हन मान बैठे हैं,
वतन की हिफाज़त का हम ठान बैठे हैं।
मिट जाएंगे मगर झुकेंगे नहीं किसी के आगे,
हम अपने सीने में हिन्दुस्तान पाल बैठे हैं।

 

हर जन्म में हिंदुस्तान मिले बस यही फ़रमान करता हूँ।
अपने वतन की मिटटी को में बारम्बार प्रणाम करता हूँ।
में आजादी के वीरों का तह दिल से सम्मान करता हूँ।
में भारत माँ का बेटा हूँ भारत का गुणगान करता हूँ।


26 January Republic Day Wishes

गूंज रहा है दुनिया में भारत का नया जयघोष,
रगों – रगों में दौड़ रहा है वीरों का नया जोश।

 

फिज़ाओं में आज फिर एक नया शोर आया है,
वतन के दुश्मनों को मिटाने का अब दौर आया है।

 

मुझे न तो हार का डर है, न जीत की हवस है,
बस तिरंगे की शान ही मेरा असली नफस है।
जीते हैं तो वतन के लिए, मरेंगे तो वतन के नाम,
हिंदुस्तान की मिट्टी ही मेरा आखिरी हमसफर है।

 

है मोहब्बत अपने वतन से इस मिट्टी से बहुत प्यार।
इस धरती की रक्षा के लिए मेरा सारा जीवन निसार।

 

बेतोड़ है मोहब्बत अपनी वतन से हम
माथे तिलक इस मिटटी से लगते है।
हर वक्त हम इसी की खातिर जीते है
और इसी की सुरक्षा के लिए मर जाते है।

 

अदब से रहो तो ये धरती फूलों की क्यारी है,
वरना हर सच्चा हिंदुस्तानी दुश्मन पर भारी है।
नसीब अपना समझो कि हम अमन के सिपाही हैं,
वरना हमारे क्रोध की ज्वाला भी बड़ी करारी है।

 

जब भी मिले जन्म वतन हो हिंदुस्तान हमारा।
जमी पर घर है फिर भी हम जन्नत में रहते है।
इसकी रक्षा के लिए हम जान ऐ तन करते है।
हम बड़े ही खुश नाशीब है भारत में रहते है।

 

खून से सींचा है हमने इस चमन की मिट्टी को,
अब आसान नहीं है मिटाना हमारी हस्ती को।
सिर कटा सकते हैं मगर कभी झुका सकते नहीं,
आज़ाद ही रखा है, आज़ाद रखेंगे अपनी बस्ती को।

 

बनाना है हमें अपनी किस्मत अपने हाथों से।
भगाना है दुश्मनो को मार – लातों – लातों से।
वह गुरु दी सौ दुश्मन की गर्दन उखाड़ देंगे।
अब न कोई हम भूल पुरानी जैसी करने देंगे।


26 january republic day wishes in hindi

आसमान भी झुक जाता है इस तिरंगे की शान में,
नई ऊर्जा भर जाती है हर भारतवासी की जान में।
ये तीन रंग नहीं, ये हमारे गौरव की कहानी है,
जो गूँजती रहेगी सदा दुनिया के हर मैदान में।

 

बस एक ही चाहत है मेरी की ऐसी भी एक शाम आये।
मेरे प्यारे देश की सरहद से मेरी का मौत पैगाम आये।
उस दिन झूम उठे मेरा पिता मेने लाल नहीं खोया और कहे
बस इसी वक्त का इंतजार था मेरा खून देश के काम आया।

 

माँ – भारती से एक ही गुज़ारिश करता हूँ में सदा।
कोई और आरजू नहीं है मेरी तेरी भक्ति के शिवा।
मर जाऊँ तो मेरी ज़रा सी ही पहचान लिख देना।
इतनी इल्तजा मेरे सीने पर हिन्दुस्तान लिख देना।

 

मेरा वतन परस्ती प्रेम बहुत पुराना।
मेरा भारत देश मुझे प्राणो से प्यारा।

 

किसी गजरे की खुशबू को में छोड़ आया हूँ।
मेरे घर की चहकती चिड़िया छोड़ आया हूँ।
आया बुलाबा वतन से सबके चेहरे मायूस थे।
अपनी माँ की बाँहों को तरसता छोड़ आया हूँ।

 

पिता की बूढ़ी आंखों के उन ख्वाबों को छोड़ आया हूँ,
बहन की सूनी कलाई के उन धागों को छोड़ आया हूँ।
बुलाया जब वतन ने तो कदम एक पल न ठिठके मेरे,
अपनी खुशियों के सजे-सजाए बागों को छोड़ आया हूँ।

 

मिठाई मां के हाथों की, मैं वो स्वाद छोड़ आया हूँ,
अपनों के संग बिताए वो सब याद छोड़ आया हूँ।
सरहद पुकारती है तो फिर नींद कहाँ आती है,
मैं सुहानी रातों के हसीन इत्तेफाक छोड़ आया हूँ।

 

ये जो सरहद पे लकीरें हैं, ये सिर्फ नक्शा नहीं होतीं,
शहादत देने वालों की ये कभी उपेक्षा नहीं होतीं।
चुकाया है लहू अपना तब जाके ये चमन महका है,
वतन की आबरू से बढ़कर कोई दीक्षा नहीं होती।


Republic day shayari

इन ग़द्दारों से कह दो अपनी औकात में रहें,
हम पंखों से नहीं, अपने हौसलों से उड़ते हैं।
मिटा सके जो हमें, वो दौर अभी आया नहीं,
भारत माँ के बेटे हैं, तूफानों का रुख मोड़ते हैं।

 

दोस्तों मत मारो किसी सनम के लिए।
उसका दुप्पटा न मिलेगा तन के लिए।
मरना है तो मारो भारत वतन के लिए।
देखना तीरंगा मिलेगा कफ़न के लिए।

 

न झुकने देंगे सर अपना कभी अभिमान के लिए।
न हारेंगे कभी हम अपनी इस पहचान के लिए।
लुटा देंगे अगर ज़रूरत पड़ी तो अपनी ये हस्ती,
जीते हैं हम सिर्फ अपने प्यारे हिंदुस्तान के लिए।

 

हवाओं का रुख हम अपनी मर्जी से मोड़ देंगे।
दुश्मन की हर साज़िश का हम गुरूर तोड़ देंगे।
उठाई आँख किसी ने मेरे प्यारे वतन की तरफ,
हम उस दुश्मन की गर्दन को धड़ से मरोड़ देंगे।

 

दुश्मन भी कांपता है शेरों की इस जान के लिए।
लड़ते हैं वीर हमारे बस वतन के मान के लिए।
हँसते-हँसते जो झूल गए फाँसी के फंदों पर,
नमन है उन शहीदों को देश की मुस्कान के लिए।

 

शहीदों ने अपना लहू वतन के तमाम कर दिया।
हँसते-हँसते जीवन भारत माँ के नाम कर दिया।
भूल न जाना उनकी कुर्बानियों को ऐ मेरे दोस्तों,
जिन्होंने जवानी को सरहद पर नीलाम कर दिया।

 

न बेचेंगे कभी खुद को हम थोड़े से सामान के लिए।
खड़े रहेंगे अडिग हमेशा अपने पक्के ईमान के लिए।
मिटा देंगे हर उस हस्ती को जो वतन से टकराएगी,
मर भी गए तो क्या, जिएंगे फिर इसी अरमान के लिए।

 

मेरी कलम भी आज रोने को मजबूर हो गई,
जब सरहद से एक वीर की शहादत की खबर आई।
पर गर्व है मुझे उस माँ के लाल पर रामेश्वर,
जिसने मौत को भी अपनी तिरंगे वाली दुल्हन बनाई।


26 January Best Patriotic Lines

तिरंगा सबसे ऊँचा रहे अपनी इस शान के लिए।
जीते हैं हम बस अपनी इस प्यारी पहचान के लिए।


दोस्तों, उम्मीद है कि इस पोस्ट में दी गई 26 जनवरी गणतंत्र दिवस की शायरियां ने आपके दिल में वतन के प्रति जोश भर दिया होगा। हमारे देश की आज़ादी और इस तिरंगे की शान को बनाए रखने के लिए न जाने कितने वीरों ने अपने परिवार और अपनी खुशियों का त्याग किया है।

हमारा छोटा सा प्रयास बस यही है कि इन शब्दों के माध्यम से हम उन शहीदों को नमन कर सकें और आप तक बेहतरीन देशप्रेम के स्टेटस पहुँचा सकें। अगर आपको ये शायरियां पसंद आई हों, तो इन्हें अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ व्हाट्सएप और फेसबुक पर ज़रूर शेयर करें।

आप सभी को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं! जय हिन्द, जय भारत!

“अगर आपके पास भी कोई देशभक्ति शायरी है, तो हमें कमेंट में बताएं, हम उसे आपके नाम के साथ यहाँ पब्लिश करेंगे।”


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